शाकाहारी भोजन अगर आप शाकाहारी हैं और यह सोचकर परेशान हैं कि आपकी सेहत का क्या होगा तो आपको इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि सेहत बनाने के लिए और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शाकाहारी भोजन में भी कई विकल्प मौजूद होते हैं, जोकि हमें मांसाहार के बराबर ही पोषक तत्व प्रदान करते हैं। भोजन वही अच्छा होता है जिसमे प्रोटीन , कर्बोहाइड्रेट( Carbohydrates), वसा (fats) , विटामिन ,खनिज लवण , रेशा और जल तत्व मौजूद हों। शाकाहारी भोजन में शामिल अनाज , दाल , सब्जी , फल और दूध आदि से ये सभी(प्रोटीन , कर्बोहाइड्रेट( Carbohydrates), वसा , विटामिन ,खनिज लवण) लाभदायक तत्व भरपूर मात्रा में मिल जाते है।
इसके अलावा कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन शाकाहारी खाने से ही मिलते है जो बीमारियों से लड़ने में मदद करते है। शाकाहारी भोजन में संतृप्त वसा(Saturated fat) और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। जिसके कारण शाकाहारी भोजन से Heart problem होने की संभावना कम होती है।
शाकाहारी भोजन में रेशे की मात्रा भरपूर होती है जिसके कारण आँतों की सफाई सुचारू रूप से होती रहती है। जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है व कोलेस्ट्रॉल , डायबिटीज और कैंसर से बचाव होता है।
रेशे के कारण भूख जल्दी नहीं लगती जिससे कि हम जरुरत से ज्यादा खाने से बच जाते है। इस तरह से शाकाहारी भोजन मोटापे से बचाता है क्योंकि मोटापा अपने साथ कई प्रकार की बीमारियां जैसे डायबिटीज , ब्लड प्रेशर , हृदय रोग आदि लेकर आता है।
फल और सब्जियों का सेवन कई बीमारियों को दूर करने में मददगार हो सकता है। फल और सब्जियों का सेवन नवयुवाओं में नया जोश भरता है और उन्हें डिप्रेशन और बेचैनी से निजात दिला सकता है। जिन युवाओं ने फल और सब्जियों का प्रचुर मात्रा में सेवन किया उनका मानसिक स्तर जंक फूड खाने वाले युवाओं के मुकाबले बेहतर रहा।
मांसाहारी भोजन में Vitamin B12 अधिक मात्रा में पाया जाता है, लेकिन इसके शाकाहारी स्रोत भी हैं। दूध, दही, पनीर भी Vitamin B12 के बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें वसा भी प्रचुर मात्रा में होती है।
कैल्शियम, आयरन और Vitamin C के लिए आप लाल मिर्च, नींबू सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियों आदि का भी सेवन कर सकते हैं।
आयरन की कमी को पूरा करने के लिए साबुत अनाज का आटा जैसे गेहूं चावल आदि, हरी पत्तेदार सब्जियां फलीदार सब्जियां, सूखे मेवे का सेवन किया जा सकता है।
बालों का झड़ना व दस्त आदि बीमारियां भी लग जाती हैं। हरी फलीदार सब्जियां, साबुत अनाज, जैसे राजमा, छोले आदि व सूखे मेवे भी जिंक का भरपूर स्रोत हैं।
कैल्शियम की कमी से शरीर में हड्डियों का कमजोर होना या फिर ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी भी हो सकती है। दूध और डेयरी उत्पादों, हरी पत्तेदार सब्जियों, सूखे मेवे और बीज, सूखे फल का सेवन इस कमी को पूरा करता है।
शाकाहारी भोजन करने वालों में एक समय के बाद Vitamin B12 तथा ज़िंक , कुछ विशेष ओमेगा- 3 , Vitamin D 3 , सल्फर , या खून की कमी हो सकती है। शाकाहारी भोजन में मौजूद लोह तत्व आसानी से शरीर में अवशोषित नहीं होते ।इसलिए अक्सर खून की कमी होने की परेशानी पैदा हो जाती है विशेषकर महिलाओं में माहवारी आदि के कारण यह समस्या होने की संभावना अधिक होती है। भारत जैसे देश में जहाँ अधिकतर लोग शाकाहारी है , ऐसा नहीं है की हार्ट की, डायबिटीज की या ब्लड प्रेशर की समस्या कम है। जो लोग शारीरिक गतिविधि कम करते है , स्मोकिंग या नशा आदि करते है या अधिक तला हुआ और ज्यादा घी खाते है ,उन्हें इस प्रकार की समस्या हो जाती है।
अतः पूरी तरह यह कहना गलत होगा कि शाकाहारी खाने से नुकसान हो ही नहीं सकता। इसके अलावा फल , सब्जी आदि में पेस्टिसाइड्स की मात्रा बहुत होती है।फलों को पकाने के लिए कई प्रकार के Harmful chemicals काम में लिए जाते है। गाय , भैंस का दूध Oxytoxin के इंजेक्शन लगा कर निकाला जाता है जो कैंसर का कारण बन सकते है।
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इसके अलावा कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन शाकाहारी खाने से ही मिलते है जो बीमारियों से लड़ने में मदद करते है। शाकाहारी भोजन में संतृप्त वसा(Saturated fat) और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। जिसके कारण शाकाहारी भोजन से Heart problem होने की संभावना कम होती है।
शाकाहारी भोजन में रेशे की मात्रा भरपूर होती है जिसके कारण आँतों की सफाई सुचारू रूप से होती रहती है। जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है व कोलेस्ट्रॉल , डायबिटीज और कैंसर से बचाव होता है।
रेशे के कारण भूख जल्दी नहीं लगती जिससे कि हम जरुरत से ज्यादा खाने से बच जाते है। इस तरह से शाकाहारी भोजन मोटापे से बचाता है क्योंकि मोटापा अपने साथ कई प्रकार की बीमारियां जैसे डायबिटीज , ब्लड प्रेशर , हृदय रोग आदि लेकर आता है।
शाकाहारी डाइट के फायदे -Benefits of vegetarian diet
फल और सब्जियों के फायदे
पपीता में पैपेन एंजाइम व बीटा कैरोटीन नामक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाते हैं। नियमित सेब खाने से हम कैंसर से बचे रहते हैं। केले में कैरोटिनॉइड यौगिक पाया जाता है, जिससे अंधेपन का खतरा दूर होता है। नाशपाती में फाइबर का खजाना होता है। अनानास का रस चर्बी को पिघलाकर निष्कासित करता है। अंगूर के रस का नियमित सेवन करने से माइग्रेन की समस्या से काफी राहत मिलती है।फल और सब्जियों का सेवन कई बीमारियों को दूर करने में मददगार हो सकता है। फल और सब्जियों का सेवन नवयुवाओं में नया जोश भरता है और उन्हें डिप्रेशन और बेचैनी से निजात दिला सकता है। जिन युवाओं ने फल और सब्जियों का प्रचुर मात्रा में सेवन किया उनका मानसिक स्तर जंक फूड खाने वाले युवाओं के मुकाबले बेहतर रहा।
Vitamin B12
Vitamin B12 शरीर के लिएबहुत लाभकारी तत्व है। यह रक्त में नयी कोशिकाओं को बनाने में सहायक होता है। यह हमारे Nervous system को भी दुरुस्त रखता है। बढ़ते बच्चों के लिए यह लाभकारी होता है। यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन न मिले तो एनीमिया जैसी समस्याए पैदा हो सकती है।मांसाहारी भोजन में Vitamin B12 अधिक मात्रा में पाया जाता है, लेकिन इसके शाकाहारी स्रोत भी हैं। दूध, दही, पनीर भी Vitamin B12 के बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें वसा भी प्रचुर मात्रा में होती है।
कैल्शियम, आयरन और Vitamin C के लिए आप लाल मिर्च, नींबू सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियों आदि का भी सेवन कर सकते हैं।
आयरन
आयरन सेहत के लिए एक आवश्यक खनिज है। यदि शरीर में इसकी कमी हो जाए तो इससे याददाशत कमजोर होना, एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।आयरन की कमी को पूरा करने के लिए साबुत अनाज का आटा जैसे गेहूं चावल आदि, हरी पत्तेदार सब्जियां फलीदार सब्जियां, सूखे मेवे का सेवन किया जा सकता है।
जिंक
शारीरिक विकास के लिए जिंक काफी महत्वपूर्ण है। जिंक शरीर मे हार्मोन को संतुलित रखने, त्वचा को स्वस्थ बनाने, शरीर को संक्रमण से बचाने व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। इसकी कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। शरीर जल्दी थकने लगता है।बालों का झड़ना व दस्त आदि बीमारियां भी लग जाती हैं। हरी फलीदार सब्जियां, साबुत अनाज, जैसे राजमा, छोले आदि व सूखे मेवे भी जिंक का भरपूर स्रोत हैं।
कैल्शियम
मानव शरीर के लिए कैल्शियम सबसे महत्वपूर्ण खनिज है। शरीर की हड्डियों व दांतों की मजबूती के लिए यह अति आवश्यक है।कैल्शियम की कमी से शरीर में हड्डियों का कमजोर होना या फिर ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी भी हो सकती है। दूध और डेयरी उत्पादों, हरी पत्तेदार सब्जियों, सूखे मेवे और बीज, सूखे फल का सेवन इस कमी को पूरा करता है।
प्रोटीन
आपकी शाकाहारी डाइट को ध्यान में रखते हुए आप सोयाबीन की बड़ियों और फलियों का सेवन कर सकते हैं। शोध और अध्ययन भी बताते हैं कि सोयाबीन से मिलने वाली प्रोटीन की मात्रा मांसाहारी भोज्य पदार्थों से मिलने वाली मात्रा के बराबर ही होती है।शाकाहारी डाइट के नुकसान –disadvantages of vegetarian diet
शाकाहारी भोजन करने वालों में एक समय के बाद Vitamin B12 तथा ज़िंक , कुछ विशेष ओमेगा- 3 , Vitamin D 3 , सल्फर , या खून की कमी हो सकती है। शाकाहारी भोजन में मौजूद लोह तत्व आसानी से शरीर में अवशोषित नहीं होते ।इसलिए अक्सर खून की कमी होने की परेशानी पैदा हो जाती है विशेषकर महिलाओं में माहवारी आदि के कारण यह समस्या होने की संभावना अधिक होती है। भारत जैसे देश में जहाँ अधिकतर लोग शाकाहारी है , ऐसा नहीं है की हार्ट की, डायबिटीज की या ब्लड प्रेशर की समस्या कम है। जो लोग शारीरिक गतिविधि कम करते है , स्मोकिंग या नशा आदि करते है या अधिक तला हुआ और ज्यादा घी खाते है ,उन्हें इस प्रकार की समस्या हो जाती है।
अतः पूरी तरह यह कहना गलत होगा कि शाकाहारी खाने से नुकसान हो ही नहीं सकता। इसके अलावा फल , सब्जी आदि में पेस्टिसाइड्स की मात्रा बहुत होती है।फलों को पकाने के लिए कई प्रकार के Harmful chemicals काम में लिए जाते है। गाय , भैंस का दूध Oxytoxin के इंजेक्शन लगा कर निकाला जाता है जो कैंसर का कारण बन सकते है।
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