Sunday, 20 October 2019

सर्दियाँ आ चुकी हैं. और ठण्ड के साथ दस्तक देने वाली हैं ढेर सारी परेशानियाँ. जरा सी लापरवाही और समस्या शुरू. इसलिए हम आपके लिए लेकर आये हैं इस सर्दी ठण्ड से जुड़ी परेशानियों से खुद को बचाने के लिए कुछ जरुरी टिप्स.


बदलते मौसम कई बीमारियों को जन्म देता है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी तो आम बात है, लेकिन इनके अलावा ब्रेनस्ट्रोक, डाइबिटीज, हाईब्लड प्रेशर और दमा के मरीजों के लिए सर्दी और भी बड़ी मुसीबत बन सकती है।
  सर्दी के आते हैं लोग गर्मी और बारिश के खत्म होने की खुशी महसूस करते हैं, साथ ही ठंड के मौसम की चीजों (गर्मागर्म सूप, पकौड़े और चाय आदि) का लुत्फ उठाने की खुशी चेहरे पर चमक ले आती है, लेकिन ठंड के साथ कई सारी मौसमी बीमारियां भी दस्तक देती हैं, जिन्हें आम बोलचाल में वायरल इंफेक्शन भी कहा जाता है। अगर आप भी सर्दी की बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आज हम ठंड से होने वाली बीमारियों और उसके लक्षण, उपचार के बारे में बता रहे हैं।

सर्दी के मौसम में बच्चे हो या बड़े सभी का खास ख्याल रखना बेहद जरुरी होता है, क्योंकि मौसम में ठंडक होने के पर इंफेक्शन वाली बीमारियां तेजी से फैलती हैं। जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर होता है। ऐसे में सर्दी की बीमारियों और उसके उपचार के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है, इसलिए हम आपको सर्दी की वजह से होने वाली बीमारियों और उसके असर से बचने के उपाय बता रहे हैं। आइए जानते हैं ठंड के रोगों से बचने के उपाय...//////...

1. सर्दी-जुकाम होना / Cold सर्दी के मौसम की शुरुआत होते ही अधिकांश लोगों को सर्दी-जुकाम होने की समस्या परेशान करने लगती है। कई बार सर्दी और जुकाम इंफेक्शन की वजह से भी होता है। ये छोटे बच्चों और बड़े सभी लोगों को होती है।

लक्षण : जुकाम बहना, नाक का बंद होना,बार-बार छींक आना,गले में खराश या दर्द होना, तेज सिरदर्द होना। उपचार - 1. सर्दी-जुकाम से जल्द आराम के लिए डॉक्टर की सलाह से दवा लें। 2. काले भुने हुए चनों को घी में भूनकर काला नमक डालकर खाने से लाभ मिलता है। 3. सर्दियों में मुनक्कों में काली मिर्च को रखकर हल्का गर्म करें और सेवन करें, कुछ दिनों में राहत मिलेगी। 4. हमेशा गर्म पानी का सेवन करें । 5. जुकाम को ठीक करने का सबसे असरदार तरीका है भाप लेना, ये सीने में जमा कफ को खत्म करने में भी फायदेमंद होता है।

2. इंफ्लुएंजा या फ्लू (तेज बुखार आना) / Fever इंफ्लुएंजा या फ्लू, सर्दी में इंफेक्शन की वजह से होने वाली सबसे कॉमन बीमारी है। एक-दो दिन से ज्यादा रहने इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर की सलाह तुरंत लें।

लक्षण : तेज बुखार, हाथ पैरों की मांसपेशियों में दर्द होना,सिरदर्द होना, बार-बार गला सूखना, गले में दर्द होना, ठंड लगना आदि। उपचार 1. इंफ्लुएंजा या फ्लू होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 2. फ्लू से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार भी बेहद असरदार होते हैं। 3. पौष्टिक आहार और तरल आहार का सेवन करें। 4. गिलोय, तुलसी और पपीते के पत्तों को पानी के साथ आधा रह जाने तक उबालें और उसे ठंडा होने पर सेवन कर लें।


3 . गले में खराश या दर्द होना (Throat Pain) सर्दी के आते ही गले में खराश यानि खुजली महसूस होती है, इसके साथ गले में दर्द भी लोगों को बेहद परेशान करता है। कई बार दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि खाना खाने में भी लोगों को दिक्कत महसूस होती है। गले में दर्द ठंडी चीजों का सेवन करने से भी होता है। लक्षण : गले में खराश होना,गले में दर्द होना, खाना खाने में दिक्कत होना,गले में सूजन होने की समस्या आदि। उपचार 1. सर्दियों में गले के दर्द से छुटकारा पाने के लिए दिन में 2-3 बार नमक वाले गर्म पानी से गरारे करें। 2. ठंडी चीजों को खाने से बचें। 3. गर्म चीजों यानि सूप, काढ़े आदि का सेवन करें। 4. अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटें या लौंग का सेवन करें। 5. अदरक,लौंग,काली मिर्च और तुलसी की चाय का सेवन करें या काढ़ा बनाकर पीएं।

4. निमोनिया (Pneumonia) सर्दी के मौसम में छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा होने वाली बीमारियों में से एक है निमोनिया। निमोनिया में फेफड़ों में सूजन आती है। ये बीमारी इंफेक्शन की वजह से होती है। निमोनिया का पता चलने पर डॉक्टर से तुरंत इलाज करवाना चाहिए, वरना ये जानलेवा भी साबित हो सकता है। लक्षण : निमोनिया में पीड़ित के फेफड़े में सूजन आती है, जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा तेज बुखार आना, शरीर में कंपन होना सामान्य लक्षण होते हैं। उपचार 1. निमोनिया का पता चलने पर सबसे पहले डॉक्टर की सलाह पर दवा लें या अस्पताल में एडमिट हों। 2. हल्दी को पानी में मिलाकर सीने पर लगाएं, इससे धीरे-धीरे इंफेक्शन में कमी आएगी और राहत मिलेगी। 3. एक गिलास पानी में 5-6 लौंग को उबालकर आधा रह जाने पर पीड़ित को देने से आराम मिलेगा। 4. पुदीने के पत्तों के रस में शहद मिलाकर दिन में 2 बार लेने से निमोनिया में आराम मिलता है। 5. तुलसी के पत्तों के रस में काली मिर्च मिलाकर दिन में 2 बार लेना फायदेमंद होता है।

5. अस्थमा (Asthma) अस्थमा धूल, मिट्टी और धुएं की एलर्जी से होने वाली बीमारी है। सर्दियों में लोगों को कोहरा और ठंड बढ़ने पर सांस लेने में बेहद तकलीफ का सामना करना पड़ता है। अस्थमा अटैक से बचने के लिए लोगों को अपने पास हमेशा इनहेलर रखने की सलाह दी जाती है। लक्षण - सांस लेने में तकलीफ होना, सांस फूलना, सीने में जकड़न होना, बार-बार खांसी आना, बैचेनी और घबराहट होना। उपचार 1.धूल, मिट्टी, धुएं और प्रदूषण से बचने के लिए हमेशा चेहरा ढककर रखें। 2. ताजा पेंट वाली जगह, कीटनाशक, स्प्रे, खुशबूदार इत्र,मच्छर भगाने की कॉइल के धुएं से दूर रहें। 3. प्रिजर्वेटिव वाले फूड और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें।










Thursday, 17 October 2019

इन दिनों शुष्क हवा सबसे पहले त्वचा की नमी को नष्ट करती है। इससे त्वचा में खिंचाव और रूखापन पैदा हो जाता है। इसका असर आपके चेहरे पर ही नहीं, शरीर के अन्य हिस्सों पर भी होता है। इस मौसम में इस बात का खास ध्यान रखें कि आप अपनी त्वचा के प्रति लापरवाह न हो जाएं। सर्दियों में भी त्वचा को सेहतमंद बनाने के लिए क्लीनिंग आदि जरूरी है। कैसे करें सर्दियों में त्वचा की सेहत की देखभाल, क्या-क्या बरतें सावधानी, बता रही हैं नीलम शुक्ला
वीएलसीसी (इंडिया एंड ओवरसीज) के डर्मेटोलॉजिस्ट व लेजर हेड ट्रांसप्लांट एंड मेडिकल सर्विसेज विभाग के प्रमुख डॉ. र्दंतदरजीर्त ंसह तुल्ला कहते हैं कि आज के तनाव भरे वातावरण में चमकता चेहरा पाना थोड़ा मुश्किल सा लगता है। सर्दियों में त्वचा का रूखा होना और फिर उस रूखी त्वचा में खुजली होना बहुत आम समस्या है। शुष्क हवा अकसर त्वचा की नमी सोख लेती है, जिस कारण त्वचा का फटना और जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। सर्दियों में स्र्केंलग, त्वचा पर पपड़ी बनकर निकलना और खुजली जैसी समस्याओं से बचने के लिए अपनी त्वचा का विशेष ध्यान रखें। माइल्ड साबुन और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल कर आप शुष्कता से काफी हद तक दूर रह सकते हैं। जिन लोगों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है, उन्हें ऐसा मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करना चाहिए, जिसमें खुशबू ना हो।
बचें सूर्य की किरणों से
इस मौसम में धूप बड़ी अच्छी लगती है। पर याद रहे, इस मौसम में भी त्वचा के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें ही हैं। इससे बचने के लिए धूप में ज्यादा देर न बैठें। वैसे भी त्वचा की दृष्टि से सनर्बांथग करना गलत है। कैंसर के खतरे के साथ ही ये अल्ट्रावायलेट किरणें आपकी त्वचा की कोशिकाओं और रुधिर वाहिनियों को कमजोर बनाती हैं। जहां तक विटामिन डी की पूर्ति के लिए धूप सेंकने की बात है तो यह काम सुबह के समय ही करें। सुबह की धूप सेंकने के बाद धूप में जब भी जाएं, सनस्क्रीन लोशन या क्रीम लगाकर जाएं। ध्यान रखें कि इसके लिए मॉइस्चराइजर एसपीएफ 30 वाला ही हो।

गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें
सर्दियों में गर्म पानी का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी हो जाती है। इससे बचने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, जिससे त्वचा से आवश्यक प्राकृतिक तेल न निकले। सर्दियों में साबुन का प्रयोग कम से कम करें। त्वचा अगर रूखी है तो स्क्रब करना भी बंद कर दें, क्योंकि इससे त्वचा पर मौजूद पोर तो खुल जाएंगे, लेकिन त्वचा और भी रूखी हो जाएगी। स्क्रब तभी करें, जब त्वचा तैलीय हो, ताकि इससे त्वचा का तेल कम हो सके।

मॉइस्चराइज 
नहाने या  चेहरे को धोने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। इससे त्वचा रूखी नहीं होगी। दिन के समर्य ंजक ऑक्साइड मॉइस्चराइजर लगाएं, जो एसपीएफ 30 हो। साथ ही रात के लिए विटामिन ए और दिन के लिए विटामिन सी और ई युक्त मॉइस्चराइजर वाली क्रीम फायदेमंद होती है। वॉटर बेस क्रीम और मॉइस्चराइजर लगाएं। प्राकृतिक मॉइस्चराइजर का उपयोग करें, जो आपकी त्वचा को रूखी होने से बचाने के साथ-साथ इसे जरूरी आवश्यक तत्व भी देते हैं। ग्लिसरीन और गुलाब जल मिलाकर चेहरे, नाक और होठों की मसाज करने से फायदा होता है। इसका प्रयोग रात में सोने से पहले कुहनी, एड़ियों, हाथों तथा तलवों पर करें। इससे आपकी त्वचा स्वस्थ रहेगी और उसमें नमी भी बनी रहेगी, जो उसे त्वचा से संबंधित बीमारियों से दूर रखेगी।


त्वचा के लिए ये खाएं 

इस मौसम में आपके खाने की क्वॉलिटी भी आपकी त्वचा की क्वॉलिटी पर निर्भर करती है। इस मौसम में फ्राइड और मीठी चीजें खाना अच्छा लगता है, लेकिन अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो रोस्टेड चीजें ज्यादा खाएं। फिश, सूप और ड्राई फ्रूट्स लें। मौसमी सब्जियां, टमाटर, पालक, लहसुन, संतरा और पपीता सेहत के साथ त्वचा के लिए भी लाभकारी होते हैं। टमाटर में केरोटीन तत्व होता है, जो रक्त को साफ करता है, वहीं पालक कैल्शियम देने के साथ हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। ग्रीन टी, लेमन जूस और शहद अच्छा विकल्प हंै। रोजमर्रा के डेयरी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दें। साथ ही अंजीर, किशमिश, ड्राई फ्रूट्स और पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जियों को शामिल करें।

खूब सारा पानी पिएं

सर्दियों में पसीना नहीं आता है तथा हवा में भी मॉइस्चर होता है, जिस कारण प्यास कम लगती है। ठंड होने के कारण हम सब गर्म चाय, कॉफी या फिर कोई और गर्र्म ंड्रक लेना पसंद करते हैं। लेकिन ऐसा करने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे त्वचा में ड्राईनेस आ जाती है। पानी शरीर के साथ-साथ चेहरे की त्वचा को भी हाइड्रेट रखता है। पानी पीने से शरीर और त्वचा से हानिकारक टॉक्सिन और तेल पसीने के साथ बाहर निकल जाता है और आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है। दिन भर में कम से कम 10 गिलास पानी पिएं। हल्के गर्म पानी में नीबू की कुछ बूंदें डालकर लेने से भी शरीर में डीहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती।
गर्म तेल की मसाज 
सर्दियों में त्वचा की देखभाल करने का आदर्श तरीका है शरीर को गर्म तेल की मसाज देना। सर्दियों में त्वचा को मॉइस्चराइज रखने के लिए मसाज लें। आप खुशबूदार माहौल और कैंडल्स के साथ आयुर्वेदिक तेल, तिल के तेल, बादाम के तेल या सरसों के तेल से मसाज के जरिए तनाव भगा सकते हैं। इस मौसम में हर दो-तीन दिन में चेहरे की मसाज जरूरी है, ताकि मांसपेशियों में रक्त संचार ठीक रहे।
बच्चों और बुजुर्गों की त्वचा होती है खास, रखें ध्यान

आर्मी से रिटायर्ड शिशु रोग विशषज्ञ डॉ. पी. र्के. ंसह कहते हैं कि बच्चों की त्वचा कोमल होती है और बुजुर्गों की त्वचा में अलग तरह की कमी होती है, इसलिए उसकी विशेष देखभाल की भी जरूरत होती है। सर्दियों में त्वचा की देखभाल का मतलब सिर्फ चेहरे की त्वचा की देखभाल करना ही नहीं, बल्कि इसका अर्थ पूरे शरीर की त्वचा की सुरक्षा करना है। बच्चों को सॉफ्ट सोप से नहलाना चाहिए। नहलाने से पहले तेल मालिश करने से उनकी त्वचा नर्म और साफ रहती है। त्वचा की नमी बरकरार रखने के लिए हल्का मॉइस्चराइजर उपयोग कर सकते हैं। बच्चों की त्वचा की सफाई के लिए क्र्लींंजग और मॉइस्चरार्इंजग बहुत जरूरी है। उनके लिए इस्तेमाल होने वाले साबुन, शैंपू, लोशन आदि का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि प्रोडक्ट्स सौम्य हों और खासतौर पर उन्हीं के लिए बने हों। बुजुर्गों के लिए भी तेल और साबुन का चयन उनकी त्वचा की जरूरत को ध्यान में रखते हुए करें





बदलते मौसम कई बीमारियों को जन्म देता है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी तो आम बात है, लेकिन इनके अलावा ब्रेनस्ट्रोक, ...