
बदलते मौसम कई बीमारियों को जन्म देता है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम, खांसी तो आम बात है, लेकिन इनके अलावा ब्रेनस्ट्रोक, डाइबिटीज, हाईब्लड प्रेशर और दमा के मरीजों के लिए सर्दी और भी बड़ी मुसीबत बन सकती है।
सर्दियों में शुष्क हवा के कारण त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। ऐसे में सेहत के साथ-साथ त्वचा का ध्यान रखना भी जरुरी है । इस मौसम में त्वचा को हाइड्रेट(Hydrate) व मॉइस्चराइज्ड (Moisturize) रखना जरूरती होता है, नहीं तो त्वचा को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको यही बताएंगे कि बदलते मौसम के साथ आपको अपनी स्किन(Skin ) की केयर किस तरह करनी चाहिए, ताकि त्वचा सर्दियों में होनी वाली समस्याओं से बची रहे।
सर्दियों में बदले स्किन केयरिंग का तरीका
क्रीम बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें
सर्दियों में शुष्क और ठंडी हवाएं त्वचा की नमी खींच लेती है। ऐसे में क्रीम बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल त्वचा के लिए बेहतर ऑप्शन है। यह ना सिर्फ त्वचा को नमी देता बल्कि इससे स्किन पोर्स भी साफ हो जाते हैं। साथ ही इससे स्किन तरोताजा भी रहती है।
मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें
इस मौसम में त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए जरूरी है कि आप मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल रोजाना करें । इससे आपकी स्किन में नमी बनी रहती है, और आप सर्दियों में होने वाली स्किन प्रॉब्लम्स से बचे रहते हैं।
रेगुलर करें फेशियल स्क्रब
बदलते मौसम के साथ जब नई त्वचा आती है तो वह ज्यादा ग्लो करती हैं और डेड सेल्स को रिपेयर करने में भी मदद करती है। ऐसे में स्किन को स्मूद बनाने के लिए टाइम-टू-टाइम फेशियल स्क्रब करते रहें।
स्किन टाइप के हिसाब से यूज करें प्रोडक्ट्स
सर्दियों में किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले अपनी स्किन टाइप भी जान लें। आप चाहें तो इसके लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से भी संपर्क कर सकती हैं।
सही और संतुलित आहार भी है जरूरी
इस मौसम में आपको ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए, जिससे त्वचा में पानी की कमी पूरी हो। इसके अलावा अपनी डाइट में ओमेगा 3 व 6, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर चीजें भी लें। साथ ही अपनी डाइट में मछली, नट्स, ऑलिव ऑयल, अलसी के बीज और एवोकाडो को शामिल करें।
नर्म व मुलायम होंठों के लिए
सर्दियों में होंठ भी रूखे होकर फटने लगते हैं इसलिए इनका ध्यान रखना भी जरुरी है । इसके अलावा रात को सोने से पहले अपने होंठों पर मलाई या नारियल तेल जरूर लगाएं, इससे होंठों पर नमी बनी रहेगी और फटेंगे भी नहीं।
गुनगुने पानी से स्नान करें
अक्सर लोग इस मौसम में गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं लेकिन इससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। आप चाहे तो नहाने वाले पानी में कच्चा दूध भी मिला सकते हैं। इससे त्वचा कोमल रहती है।
खूब पानी पीएं
सर्दी हो या गर्मी, खूब पानी पीएं, ताकि त्वचा नमीयुक्त और हाइड्रेट रहे। त्वचा में पानी पर्याप्त मात्रा में होगा तो सेल्स डेड नहीं होंगे और स्किन ग्लो करेगी।
रूखे-सूखे हाथों के लिए
हाथों की स्किन अगर काफी रूखी है तो इसके लिए या तो नींबू और चीनी को घोलकर उसे हाथों पर लगाएं। फिर थोड़ी देर बाद हाथों को गुनगुने पानी से साफ करें। इसके अलावा शहद और नींबू को मिलाकर लगने से भी फायदा होगा।
पैरों का भी रखें ध्यान
सर्दियों में एड़ियां ज्यादा ड्राई हो जाती हैं और कई बार तो फटने भी लगती है। ऐसे में अगर प्रॉपर साफ-सफाई न की जाए तो पैरों की खूबसूरती छिन जाती है। पैरों की सफाई डिटॉल मिले गुनगुने पानी से करें। मॉइस्चराइजर के प्रयोग के बाद भी अगर पैर की त्वचा खुश्क रहती है तो आप मेनीक्योर और पेडीक्योर का सहारा ले सकती हैं।
इन बातों का भी रखें ख्याल
-सर्दियों में त्वचा को कोमल बनाए रखने के लिए बादाम के तेल का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है।
-इस मौसम में साबुन का इस्तेमाल करने से बेहतर है कि सरसों के उबटन का इस्तेमाल करें।
-बाजार में बिकने वाले स्क्रब के स्थान पर चीनी के स्क्रब का इस्तेमाल करें। इससे डेड स्किन भी साफ हो जाएगी और चेहरे का मॉइश्चर भी बना रहेगा।
-नहाने के बाद हल्के हाथों से तौलिए का इस्तेमाल करें। संभव हो तो नहाने के तुरंत बाद नारियल के तेल से या किसी ऑयली बॉडी लोशन से पूरे शरीर पर मसाज करें।
-चेहरा धोने के लिए न तो बहुत अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल करें और न ही बहुत ठंडा।
-इस मौसम में साबुन का इस्तेमाल करने से बेहतर है कि सरसों के उबटन का इस्तेमाल करें।
-बाजार में बिकने वाले स्क्रब के स्थान पर चीनी के स्क्रब का इस्तेमाल करें। इससे डेड स्किन भी साफ हो जाएगी और चेहरे का मॉइश्चर भी बना रहेगा।
-नहाने के बाद हल्के हाथों से तौलिए का इस्तेमाल करें। संभव हो तो नहाने के तुरंत बाद नारियल के तेल से या किसी ऑयली बॉडी लोशन से पूरे शरीर पर मसाज करें।
-चेहरा धोने के लिए न तो बहुत अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल करें और न ही बहुत ठंडा।





